रूस-यूक्रेन युद्ध के 50 दिन पूरे, रूसी युद्धपोत तबाह, यूक्रेनी सैनिकों को हथियार देगा अमेरिका



नई दिल्ली,एजेंसी। 

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यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध को तकरीबन 50 दिन हो चुके हैं। इसी बीच खबर है कि यूक्रनी सैनिकों ने काला सागर में एक रूसी युद्धपोत को तबाह कर दिया है। ओडेसा के गवर्नर ने बताया कि यूक्रेनी सैनिकों ने मिसाइलों की मदद से काला सागर में एक रूसी युद्धपोत को तबाह कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेनी सैनिकों के मिसाइल हमले की वजह से रूसी युद्धपोत में आग लग गई। जिसकी वजह से युद्धपोत को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि युद्धपोत में मौजूद सभी रूसी सैनिक सुरक्षित हैं। यह यूक्रेन के जरिए रूस को दिया गया सबसे बड़ा झटका है।यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उनके सौनिकों ने 2 एंटी शिप मिसाइल से युद्धपोत पर हमला किया। हालांकि यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में कोई भी सबूत पेश नहीं किया है।

पुतिन का करीबी गिरफ्तार

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी विक्टर मेदवेदचुक को यूक्रेन की खुफिया एजेंसी एसबीयू ने गिरफ्तार कर लिया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने गिरफ्तारी के बाद मेदवेदचुक की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की। इसके साथ ही यूक्रेन ने रूस के सामने एक शर्त रखी कि मेदवेदचुक की सुरक्षित रिहाई के लिए कैदी बनाए गए यूक्रेनी नागरिकों को आजाद कर दें।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन पर रूसी सैनिकों के हमले शुरू होने से पहले ही यूक्रेन ने विपक्षी नेता मेदवेदचुक को देशद्रोह के मामले में नजरबंद कर रखा था लेकिन युद्ध के शुरू होते हुए मेदवेदचुक गायब हो गए थे। जिन्हें यूक्रेन की खुफिया एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया है। 

शांति वार्ता मुमकिन नहीं

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब यूक्रेन के साथ शांति वार्ता करने के पक्ष में नहीं हैं। क्योंकि कीव ने मॉस्को पर वार्ता तोड़ने का आरोप लगाया। जिसकी वजह से व्लादिमीर पुतिन आगबबुला हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मारियुपोल शहर में 162 अधिकारियों समेत 1,026 यूक्रेनी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यूक्रेन की 36वीं मरीन ब्रिगेड के 1,026 जवानों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके साथ ही रूसी मीडिया ने एक तस्वीर भी जारी की, जो आत्मसमर्पण किए गए सैनिकों की बताई जा रही है। मारियुपोल में भयंकर लगाई छिड़ी हुई है। जिसका यूक्रेन जवाब भी दे रहा है लेकिन यूक्रेन कब तक जवाब दे पाएगा यह कह पाना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि यूक्रेन गोला-बारूदों की भारी कमी का सामना कर रहा है।यूक्रेन की मरीन ब्रिगेड ने फेसबुक पर लिखा कि मारियुपोल निर्णायक लड़ाई के लिए हम तैयार है। इसका अंत या तो मौत के रूप में होगा या फिर कब्जे के रूप में। हमारे गोला-बारूद अब समाप्त हो रहे हैं। रूस के चार पड़ोसी देश पोलैंड, लिथुआनिया, लातविया और एस्टोनिया के राष्ट्रपति युद्धग्रस्त यूक्रेन पहुंचे हैं। जहां पर उन्होंने ताजा हालातों की समीक्षा की और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के प्रति अपना समर्थन जताया। इसी बीच खबर है कि अमेरिका ने युद्धग्रस्त यूक्रेन की 800 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त मदद करने का ऐलान किया है। इसके तहत अमेरिका युद्ध में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार, गोला-बारूद समेत कई उपकरण उपलब्ध कराएगा।