जहांगीरपुरी हिंसा में अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस पर फायरिंग करने वाला गिरफ्तार



नई दिल्ली।  राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में शनिवार 16 अप्रैल को अचानक हिंसा भड़क गई. यहां हनुमान जयंती के मौके पर निकाली जा रही शोभायात्रा पर कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद माहौल बिगड़ गया और हिंसा भड़क गई. इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए. घटना के तुरंत बाद मौके पर भारी पुलिसबल तैनात किया गया और तमाम आला अधिकारी भी वहां पहुंचे. अब इस मामले को लेकर गिरफ्तारियां शुरू हो चुकी हैं. अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस हिंसा के दौरान एक शख्स ने कथित तौर पर फायरिंग भी की थी. जिसे अब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किये गये लोगों में 21 वर्षीय एक युवक भी शामिल है, जिसने कथित तौर पर गोली चलाई थी जो एक पुलिसकर्मी को लगी थी. उन्होंने बताया कि आरोपी मोहम्मद असलम के पास से एक पिस्तौल भी बरामद की गई है, जिससे उसने शनिवार शाम कथित तौर पर गोली चलाई थी. आरोपी जहांगीरपुरी स्थित सीआर पार्क के झुग्गी बस्ती का रहने वाला है. असलम को एक अन्य मामले में भी शामिल पाया गया है. उसके खिलाफ जहांगीर पुलिस थाने में 2020 में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. बता दें कि जहांगीरपुरी घटना का एक नया वीडियो भी सामने आया है. जिसमें पत्थरबाजी की तस्वीरें हैं. लेकिन सबसे खास बात है कि एक व्यक्ति इसमें गोली चला रहा है, जो वीडियो में साफ तौर पर नजर आ रहा है. ये तस्वीर शोभा यात्रा पर पथराव के दौरान की है. एक शख्स इस तस्वीर में पिस्तौल ताने हुए नज़र आ रहा है. पुलिस इसकी जांच और शख्स की पहचान कर रही है.

एएसआई ने बताया कैसे हुआ हमला

जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के दिन हुई हिंसा पर एएसआई अरुण कुमार ने बताया कि, जुलूस में कुछ लोगों ने सरिया, डंडों और तलवारों से हमला किया. दंगाईयों ने गाड़ियों को आग लगा दी. मैं कुछ गाड़ियां हटा रहा था इसी दौरान एक ईंट आकर मेरे कंधे पर लगी. एक पत्थर मेरे पीठ और पैर में भी लगा. बाद में अन्य पुलिस बल वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया. ज़्यादातार दंगाईयों के पास तलवार और चाकू थे. बता दें कि इस पूरे मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 120 बी (आपराधिक साजिश), 147 (दंगा) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. पुलिस के मुताबिक अव्यवस्था फैलाने में शामिल लोगों की पहचान के लिए ड्रोन और फेस-रिकग्निशन सॉफ्टवेयर (चेहरों की पहचान करने वाली तकनीक) की मदद ली जा रही है. इसके अलावा, घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे तथा मोबाइल फोन में रिकार्ड फुटेज खंगाले जा रहे हैं.ÓÓ अधिकारियों ने बताया कि किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी के बाकी सभी 14 पुलिस जिलों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं और निगरानी की जा रही है.