पीएम मोदी और आस्ट्रेलियाई पीएम की शिखर वार्ता में उठा चीन का मुद्दा, मोदी बोले- एलएसी पर शांति ही बेहतर संबंध का रास्ता



नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने आज अपने आस्ट्रेलियाई समकक्ष स्काट मारिसन के साथ शिखर वार्ता की। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ही दोनों देशों में संबंध बहुत बेहतर हुए हैं। शिखर वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा और इनोवेशन, साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आने वाले समय में दोनों देश मिलकर काम करने वाले हैं। इस बैठक में लद्दाख के एलएसी पर पिछले वर्ष की घटनाओं का मुद्दा भी उठा जिसपर पीएम मोदी ने साफ कहा कि शांति ही दोनों देशों में बेहतर संबंध का रास्ता हैं।पीएम ने कहा कि उएउअ (व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता) का शीघ्र पूरा होना दोनों देशों के आर्थिक संबंधों और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि क्वाड में भी हमारे बीच अच्छा सहयोग चल रहा है और यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और मानवीय स्थिति के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की और इस तथ्य पर समान रूप से जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन और क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान सबको करना जरूरी है। इस बीच दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि यूरोप में चल रहा संघर्ष भारत-आस्ट्रेलिया के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र से ध्यान हटाने का कारण कभी नहीं होगा।

दोनों देशों में हुए कई समझौते

वार्ता का ब्यौरा देते हुए विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि दोनों नेताओं में कई महत्वपूर्ण समझौते हुए है। खनन क्षेत्र में सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह भारत के खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड और आॅस्ट्रेलिया के महत्वपूर्ण खनिज सुविधा कार्यालय के बीच एक समझौता है। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत निवेश में भागीदारी के लिए दोनों देश एक ढांचा स्थापित करेंगे। बता दें कि दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच पहली वर्चुअल शिखर वार्ता जून 2020 में हुई थी। उस दौरान व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लिए कई फैसले भी लिए गए थे। हालांकि, इस बार व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, प्रवास और गतिशीलता और शिक्षा में घनिष्ठ सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद है।