एमपी में कोरोना केस घटे, लेकिन मौतें बढ़ीं:तीसरी लहर में अब तक 131 ने दम तोड़ा, इंदौर में सबसे ज्यादा 48 मौत; पिछले 24 घंटे में 5 मौत



भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर में नए पॉजिटिव केस भले ही कम हो रहे हैं, लेकिन मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 5171 नए केस मिले। 5 संक्रमितों की मौत रिपोर्ट हुई। इनमें इंदौर में 3, भोपाल, जबलपुर और सतना में 1-1 संक्रमित ने दम तोड़ा। तीसरी लहर में अब तक 131 मरीज दम तोड़ चुके हैं। इंदौर में सबसे ज्यादा 46 मौत शामिल हैं।प्रदेश में पिछले 5 दिन में कोरोना के केस मिलने का आंकड़ा 7 हजार से कम है। 5 फरवरी को 5171 नए संक्रमित मिले। एक दिन में 362 केस कम मिले हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, तीसरी लहर का पीक गुजर चुका है। इसके चलते कोरोना के केस भी कम आ रहे हैं, लेकिन मौतों के बढ़ते आंकड़ों ने चिंता बढ़ी दी हैं। अभी जितनी मौतें हो रही हैं, वह तो उस समय भी नहीं हुई, जब नए केस का आंकड़ा रोज 10 हजार के ऊपर था।

15 दिन में सबसे ज्यादा मौतें: तीसरी लहर में 15 दिन के भीतर सबसे ज्यादा मौतें हुईं। 1 से 21 जनवरी तक 29 संक्रमितों की मौत हुई थी, लेकिन 22 जनवरी से 5 फरवरी के बीच 102 लोगों ने दम तोड़ दिया। सबसे ज्यादा 46 मौतें इंदौर में हुई है। भोपाल में 24 और जबलपुर में 16 के अलावा ग्वालियर में 7, खरगोन में 6, सागर में 5, रतलाम, उज्जैन में 4, विदिशा में 3, बड़वानी-छतरपुर और धार में में 2-2 और दमोह, सतना, रीवा, सीहोर, झाबुआ-हरदा में 1-1 मौत रिपोर्ट की गई है। मरने वालों में ज्यादातर पुरानी और गंभीर बीमारी से पीड़ित बताए जा रहे हैं। 29 जनवरी, 2 फरवरी और 3 फरवरी को सबसे ज्यादा 9-9 मौतें हुईं।

यहां मिले सबसे ज्यादा केस: पिछले 24 घंटे में भोपाल में सबसे ज्यादा 1167 केस मिले। वहीं, इंदौर में 589, जबलपुर में 302, सागर में 158, विदिशा में 153, हरदा में 141, दमोह में 133, सीहोर में 133, ग्वालियर में 126, खरगोन में 117, रायसेन में 117, होशंगाबाद में 112 और सिवनी में 109 केस मिले हैं।