शासकीय कन्या विद्यालय में अतिथि शिक्षिकोंओं का जुलाई से अब तक नहीं मिला वेतन


अपनी समस्याओं को लेकर जिलाशिक्षा अधिकारी से अतिथि शिक्षिकाओं ने की शिकायत, जल्द भुगतान का मिला आश्वासन


वैढ़न,सिंगरौली।जिला मुख्यालय वैढ़न के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की अतिथि शिक्षिकाओं को जुलाई से अब तक का वेतन भुगतान नहीं हुआ है। प्राचार्य से शिकायत करने पर बजट न होने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ लिया जाता है। शनिवार को विद्यालय की दर्जनभर अतिथि शिक्षिकाओं ने जिलाशिक्षा अधिकारी के पास जाकर इसकी शिकायत दर्ज करायी जहां से उन्हें जल्द भुगतान का आश्वासन मिला। 
मिली जानकारी के अनुसार शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वैढ़न में अध्यापन का कार्य रही दर्जन भर से अधिक अतिथि शिक्षिकाओं का वेतन जुलाई माह से नहीं मिला है। नियमित होने की आस में मामूली वेतनमान पर अध्यापन कर रही अतिथि शिक्षकाओं का पिछले छ: माह से वेतन न मिलने से उनको घर चलाने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। छ: माह से वेतन न मिलने की शिकायत लेकर दर्जनभर अतिथि शिक्षिकाओं ने जिलाशिक्षा अधिकारी से शिकायत दर्ज करायी। इस संबंध में जब जिलाशिक्षा अधिकारी से जानकारी मांगी गयी तो उनका कहना था कि जुलाई माह से अब तक का मानदेय न मिलने की शिकायत लेकर अध्यापिकाएं आयी थीं इस संबंध में विद्यालय की प्राचार्य को निर्देश दे दिये गये है कि तुरन्त उनके मानदेय का बिल जनरेट कर विकास खण्ड अधिकारी को प्रेषित किया जाय जब बजट आयेगा तब उनका भुगतान हो जायेगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी बताया कि मानदेय का भुगतान न होने के पीछे विद्यालय के प्राचार्य की लापरवाही मुख्य वजह है। प्राचार्य द्वारा समय से मानदेय का बिल जनरेट करके विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी के पास प्रस्तुत नहीं किया गया जिस कारण वेतन में विलम्ब हुआ है। जिलाशिक्षा अधिकारी के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंची अंग्रेजी विषय की अतिथि शिक्षिका श्रीमती प्रीती सिंह ने बताया कि उन्हें जुलाई माह से अब तक का वेतन प्राप्त नहीं हुआ है। जिलाशिक्षा अधिकारी से इस संबंध में शिकायत की गयी है जहां उन्हें जल्द वेतन भुगतान का आश्वासन मिला है वहीं शिकायत करने पहुंची एक अन्य शिक्षिका ने बताया कि शिक्षिकाओं द्वारा सुबह ९ बजे से ४.३० तक कार्य कराया जाता है परन्तु जुलाई माह से अब तक का उन्हें वेतन प्राप्त नहीं हुआ है, प्राचार्य से जब इस बारे में बताया जाता है तो उनके द्वारा बजट नहीं है कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। पोर्टल पर कटी हुयी सैलरी दिखायी देती है लेकिन भुगतान अब नहीं हो पाया है। उन्होने बताया कि विद्यालय में लगभग १७-१८ गेस्ट टीचर हैं जिनका भुगतान बकाया है। 


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