दोबारा 80 के पार जा सकती है पेट्रोल की कीमत, ओपेक देश घटाएंगे आपूर्ति

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति घटने से अगले साल पेट्रोल-डीजल भी महंगा हो सकता है। रूस की अगुवाई में तेल उत्पादकों देशों के संगठन (ओपेक) ने अगले साल से क्रूड आपूर्ति में चार लाख बैरल प्रतिदिन कटौती का फैसला किया है। संगठन की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में अधिकतर देशों ने कटौती पर सहमति जताई है। इस हिसाब से भारत में पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर से 80 रुपये के पार जा सकती हैं।  
 

ओपेक ने शुक्रवार को रूस के साथ बैठक से पहले विएना में हुई चर्चा के दौरान क्रूड की गिरती कीमतों का मुद्दा उठाया। इस पर सभी ओपेक देशों ने कीमतों को सहारा देने के लिए अगले साल से 4 लाख बैरल प्रतिदिन कटौती पर सहमति जताई। ओपेक और सहयोगी देश 2017 के बाद से लगातार आपूर्ति में कटौती कर रहे हैं, क्योंकि अमेरिका ने अपनी आपूर्ति में काफी इजाफा कर दिया है, जिससे तेल कीमतें नीचे आ गई हैं। ओपेक से जुड़े सूत्रों ने बताया कि चर्चा में मौजूदा 12 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती के अतिरिक्त 4 लाख बैरल और कटौती पर सहमति बनी है। इस दौरान सऊदी अरब से 16 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती करने को कहा गया है।

ट्रंप ने जताई थी नाराजगी 


अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तेल आपूर्ति में कटौती किए जाने पर ओपेक के अगुवा सऊदी अरब से पहले भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि अगर रियाद चाहता है कि अमेरिका उसे सैन्य मदद देता रहे, तो तेल कीमतों पर लगाम कसना जरूरी होगा। अनुमान है कि अमेरिका एक बार फिर आपूर्ति में कटौती रोकने के लिए ओपेक पर दबाव बना सकता है।