भगोड़े नित्यानंद द्वारा नया देश बनाने का इक्वाडोर ने किया खंडन, कहा- न शरण दी, न ही जमीन


नई दिल्ली



दुष्कर्म के आरोपों में फरार और भारत से भाग चुके विवादों में घिरे स्वयंभू बाबा नित्यानंद के बारे में खबर आई थी कि उसने दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप में इक्वाडोर के पास एक द्वीप पर अपना नया देश बसा लिया है। जानकारी के मुताबिक उसने इस देश का नाम कैलासा रखा है।


 

इक्वाडोर दूतावास ने बयान जारी कर इसका खंडन करते हुए कहा है कि नित्यानंद को इक्वाडोर ने शरण नहीं दी है और न ही उसे दक्षिण अमेरिका में इक्वाडोर के पास या दूर कोई जमीन या द्वीप खरीदने के लिए किसी तरह की कोई मदद की गई है।

 


इक्वाडोर दूतावास के बयान में साफ किया गया है कि नित्यानंद ने अंतरराष्ट्रीय निजी संरक्षण (शरण) के लिए इक्वाडोर से आग्रह किया था जिसे खारिज कर दिया गया है। इसके बाद नित्यानंद ने इक्वाडोर छोड़ दिया

दूतावास द्वारा जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि जो भी भारत के डिजिटल और प्रिंट मीडिया में प्रकाशित हुआ है वो 'कैलासा डॉट ओआरजी' पर दी गई कथित जानकारी से लिया गया है। ये वेबसाइट संभवत: नित्यानंद और उसके लोगों की ओर से संचालित किया जाता है। इसलिए सभी डिजिटल और प्रिंट मीडिया हाउस से अपील है कि नित्यानंद पर कोई भी जानकारी देते वक्त इक्वाडोर का नाम लेने से बचें।


बता दें कि, कर्नाटक में दर्ज दुष्कर्म के एक मामले में नित्यानंद वांछित है। उस पर आरोप है कि अपना आश्रम चलाने के लिए बच्चों का अपहरण कर उनसे श्रद्धालुओं से चंदा जुटाने के लिए मजबूर करता था। पुलिस ने इस मामले में उसकी दो अनुयायियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है। 

नित्यानंद ने इस नए देश की वेबसाइट भी बनाई है। इस वेबसाइट पर दावा किया गया है- कैलासा बिना सीमाओं का देश है जिसे दुनियाभर से बेदखल हिंदुओं ने बसाया है। वेबसाइट पर कैलासा को महानतम हिंदू राष्ट्र बताया गया है। बता दें कि गुजरात पुलिस ने बीते 21 नवंबर को बताया था कि नित्यानंद देश छोड़कर भाग गया है।